ओ मेरा भोला है भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले, भोले, भोले, भोले, भोले, भोले,

भोले,,,,,महादेवा,,,,,,,,,,,,,शिवा l

सबना दा रखवाला, ओ शिवजी,

डमरूयाँ वाला जी, डमरूयाँ वाला,

ऊपर कैलाश रहन्दा, भोले नाथ जी l

धर्मियाँ, जो तारदा शिवजी,

पापियाँ, जो मारदा जी, पापियाँ, जो मारदा,

बड़ा ही दयाल मेरा, भोला अमली l

ॐ नमोः शिवाय शम्भू, ॐ नमोः शिवाय xll

महादेवा,,,, तेरा डमरू डम डम,

डम डम वजता, जाए रे, हो,,,,,

महादेवा,,,,,, हो महादेवा,,,,,,,,,

सर से तेरे, बहती गंगा,

काम मेरा, हो जाता चंगा,

नाम तेरा जब लेता, ता,,,ता,,,,

महदेवा,,,,,,,,,शम्भू,,,,,,,,

माँपिया दे घरे ओ गौरां,

महलां च रहन्दी जी, महलां च रहन्दी,

विच श्मशाना रहन्दा, भोले नाथ जी ll

कालियाँ कुण्डलां वाला, मेरा भोले बाबा,

किधर कैलाशां तेरा, डेरा ओ जी l

सर पे तेरे ओ गंगा, मैया विराजे,

मुकट पे चंदा, मामा ओ जी l

भंग जे पींदा, ओ शिवजी,

धूने रमांदा जी,,,, धूने रमांदा,

बड़ा ही तपारी मेरा, भोले अमली ll

ओ मेरा भोला है भंडारी, करदा नंदी की सवारी,

भोले नाथ रे, ओ शंकर नाथ रे l

ओ मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी,

शम्भु नाथ रे, हो शंकर नाथ रे l

ओ गौरां भंग, रगड़ के बोली,

तेरे साथ है, भूतों की टोली,

मेरे नाथ रे, ओ शम्भु नाथ रे,,, l

ओ भोले बाबा जी,

दर पे मैं, आया जी,

झोली ख़ाली, लाया जी,

खाली झोली, भरदे जी l

कालियाँ सर्पां वाला, ओ मेरे भोले बाबा,

शिखर कैलाशां विच, रहन्दा ओ जी ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।