चिमटे दा नज़ारा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चिमटे दा नज़ारा मेरे जोगी चिमटे दा नज़ारा हो...

मेरा पौणाहारी बाबा बड़ा ही दयाल है,

मेरा दूदाधारी बाबा बड़ा ही दयाल है

गल विच सिंघी पाई

लगदा कमाल है

सिंघी दा नजारा मेरे जोगी सिंघी दा नज़ारा हो...

मेरा पौणाहारी बाबा बड़ा ही दयाल है

मेरा दूदाधारी बाबा बड़ा ही दयाल है

मोढ़े विच झोली पाई

लगदा कमाल है

झोली दा नजारा मेरे जोगी झोली दा नज़ारा हो ...

मेरा पौणाहारी बाबा बड़ा ही दयाल है

मेरा दूदाधारी बाबा बड़ा ही दयाल है

मोरां दी सवारी करे

लगदा कमाल है

मोरां दा नजारा मेरे जोगी मोरां दा नज़ारा हो ...

मेरा पौणाहारी बाबा बड़ा ही दयाल है

मेरा दूदाधारी बाबा बड़ा ही दयाल है

पैरां विच पहुए पाए

लगदा कमाल है

पहुए दा नजारा मेरे जोगी पहुए दा नज़ारा हो ...

मेरा पौणाहारी बाबा बड़ा ही दयाल है

मेरा दूदाधारी बाबा बड़ा ही दयाल है

रोट दा भोग लावे

लगदा कमाल है

रोट दा नजारा मेरे जोगी रोट दा नज़ारा हो ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।