चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले,

बम भोले शंकर भोले शिव शम्भू डमरू वाले,

कब से आस लगाये बेठा सुन लो मेरी पुकार दया कर बम भोले,

चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले,

ओध्दानी नाम तेरा सम्शानो के वासी हो शीश गंग सर्पो की माला,

गोर वर्ण अविनाशी हो नंदी के असवार किरपा कर भर दे सुख भंडार,

दया कर शिव भोले,

चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले,

राम नाम की मस्ती में मस्त सदा रहते स्वामी घट घट में वास तेरा,

शिव भोले अंतर यामी,

माता पार्वती के स्वामी श्रृष्टि के आधार दया कर शिव भोले,

चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले,

तन मंत्र भगती पूजा इन सब का न ध्यान मुझे ,

नाम इक तेरा जानू और न कोई भा मुझे करो किरपा हे वैद्यनाथ ये,

सागर पड़ा है द्वार,

चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।