भोले तेरे नाम के दीवाने आये है कावड़ तेरे नाम की उठाने आये

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरे नाम के दीवाने आये है कावड़ तेरे नाम की उठाने आये,

पी के तेरे नाम की भुटटी चढ़ गई मस्ती कसूती तेरी चिलम का सुट्टा लगाने आये है,

भोले तेरे नाम के दीवाने आये है कावड़ तेरे नाम की उठाने आये,

भोले बाबा तेरी तो बात ही निराली है धुनें तेरे नाम की दिल में वसा ली से,

हे महाकाल तुझे न भूलू पी के भांग नशे में झुलु हम तो गंगा जी में डुबकी लगने आये है,

भोले तेरे नाम के दीवाने आये है कावड़ तेरे नाम की उठाने आये,

नशा तेरे नाम वाला चढ़ गया से मेरे पे,

कर ला ख्याल भोले आस बस तेरे पे,

कर्ली भोले ने तयारी भोले भांग घोट ली सारी,

हम तो भंगियाँ का भोग लगाने आये है,

भोले तेरे नाम के दीवाने आये है कावड़ तेरे नाम की उठाने आये,

मीनू सैनी नाथ करे तेरा गुण गान हो परवीन धीमान का भी तुम रखिये धयान हो,

प्रेम शर्मा महिमा गावे डमरू वाले तुझे भुलावे हम तो भक्ति का जाम पिलाने आये है,

भोले तेरे नाम के दीवाने आये है कावड़ तेरे नाम की उठाने आये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।