तेरी मुरली की मीठी सरगम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी मुरली की मीठी सरगम,

भजे बांके बिहारी हर दम लेहारिये पट पीताम्बर,

भजे पैजनिया छमा छम,

जिसने भी सुना वो हो गया तेरा दीवाना,

है बांके बिहारी नन्द यशोदा के कान्हा,

तेरी मुरली की मीठी सरगम,

है मोर मुकट माथे पर कारे कजरारे नैना,

घुंगराली लट लटकाये लट काली का क्या कहना,

तेरे नाम की मस्ती चढ़ गई भगतो पे ो सांवरिया,

तेरे लिए हु पागल मैं भी पागल है सारी गुजरियाँ

तेरे नाम कि मस्ती में हो गया हर कोई दीवाना,

एह बांकी बिहारी नन्द यशोदा के कान्हा,

तेरी मुरली की मीठी सरगम,

तू चले तू चलती सृष्टि चलता है सारा मधुवन,

मुस्काये होठो जो तेरे तब मुस्काये वृन्दावन,

बरसाने की माटी को आ गया मेरे सँवारे मुश्काना,

तेरे दम से है सांवरियां श्रिस्ति का आना जाना,

तेरे नाम कि मस्ती में हो गया हर कोई दीवाना,

एह बांकी बिहारी नन्द यशोदा के कान्हा,

तेरी मुरली की मीठी सरगम,

संसार के पालनहारी संसार है तेरे सहारे,

तेरे द्वार पे शिव संग नीरज कर धरती गगन सितारे,

तू द्वारका पूरी क्यों जाके सांवरिया हुआ बेगाना,

भगतो के घर छोड़ा है तूने क्यों आना जाना,

तेरे नाम कि मस्ती में हो गया हर कोई दीवाना,

एह बांकी बिहारी नन्द यशोदा के कान्हा,

तेरी मुरली की मीठी सरगम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।