डरना नहीं तू किसी बात के लिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

डरना नहीं तू किसी बात के लिए,

गंगा जल ले जाना भोले नाथ के लिए,

कंकड़ पत्थर चूब जाये तो बिलकुल न गबराना,

ले भोले का नाम तू बंदे आगे बड़ते जाना,

आये अंधी तूफ़ान या बरसात के लिए ,

डरना नहीं किसी बात के लिए,

निर्धन को धन निर्बल को धन भोला देने वाला,

तीनो लोक का मालिक ये श्रृष्टि रचने वाला,

कुछ भी न कठिन है दीना नाथ के लिए,

डरना नहीं किसी बात के लिए,

संजू रख विश्वाश हिरदये में मुश्किल टल जायेगी,

हो गोर अंदेरा फिर भी मंजिल मिल जायेगी,

इक सवेरा निशित है हर रात के लिए

डरना नहीं किसी बात के लिए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।