तेरी भाँग से हूँ परेशान

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन भोले सुन शंकर सुन बात खोल कर कान,

तेरी भाँग से हूँ परेशान,

सुन गोरा सुना गोरा बात लगा कर ध्यान री,

इस भांग में मेरी जान री,

भोले तेरे शोक निराले ताने माने ये जग वाले,

जग वालो की बात न कर तू गोरा तानो से न दर तू,

सुन भोले सुन शंकर न इतना बन नादान,

तेरी भाँग से हूँ परेशान

गोरा जग की बात है झूठी मेरी भांग तो राम की भुटटी,

भोले फिर क्यों बात बनाये जग वाले क्यों जोश लगाये,

सुन गोरा सुन प्यारी मैं तो मुफ्त हुआ परेशान री,

इस भांग में मेरी जान री

भोले भांग का भेद बताना पूछ रही पूनम मस्ताना,

जग सारा पहचान गया है साहिल भेद ये जान गया है,

सुन भोले सुन शंकर केवल का रखियो ध्यान,

तेरी भांग राम का नाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।