मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट,

तन पे बसम रमा बसम लगा हो बैठा बसम लगा,

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट

मंद मंद मेरा भोला मुश्कावे,

मस्त मलंग होके अपनी धुन रहा डमरू बजा,

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट

बैठा माथे लेके चंदा उजियारा,

हाथ में चिमटा भजा के जोगी रहा अलख जगा,

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट

गंगा जी का पानी भोला को बड़ा भावे,

श्रद्धा हो पूरी जो भगत रहा लौटा गंगा जल का चढ़ा,

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।