ॐ जय जय शनि महाराज

पारंपरिक
श्री राम भजन शनि देव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय जय शनि महाराज,

स्वामी जय जय शनि महाराज,

किरपा करो हम सब पर,

दुःख हरियो प्रभु आज,

ॐ जय जय शनि महाराज

सूरज के तुम बालक जग में बड़े बलवान,

सब देवो में तुम्हारा प्रथम मान है आज,

ॐ जय जय शनि महाराज

विक्रम राज को हुआ घमंड,

अपने सरेष्ठ होने का,

चकना चूर किया बुद्धि हिला दिया सर ताज,

ॐ जय जय शनि महाराज

प्रभु राम और पांडव को भेज दियां वनवास,

किरपा हुई जब तुम्हारी स्वामी बचाई उनकी लाज,

ॐ जय जय शनि महाराज

सूर्ये सा राजा हरिश्चंदर वेच दियां परिवार,

पास हुए परीक्षा में देकर धन और राज,

ॐ जय जय शनि महाराज

माखन चोर कन्हियान गइयन के रखवार,

कलंक माथे का धोया धरे है रूप विराट,

ॐ जय जय शनि महाराज

मैं हु दीं अज्ञानी भूल बई हमसे,

शमा शांति दो नरायन प्रणाम लो महाराज,

ॐ जय जय शनि महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।