मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

राती सपने दे विच आ गया,

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

लम्बा पेंदा श्री वृन्दावन मैं दस किवे आवा,

असी बाह फड ले जा गे तू क्यों भगता घबरा गया,

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

मंदिर तेरे घोर अँधेरा कुछ भी समज न आवे,

असी ज्योत जगा देया गे तू क्यों भगता घबरा गया,

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

दुनिया दे विच ऐसा फस गया मैं दस किवे आवा,

असी चिठियाँ पा देया गे तू क्यों भगता गबरा गया,

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

पले मेरे पैसा हेनि मैं दस किवे आवा,

असि झोलियाँ भर देया गे तू क्यों भगता गबरा गया,

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

दर्शन देदो इक बारी मेनू मेनू आस है तेरी,

दिल नही लगदा तेरे वाजो करदो आशा पूरी,

तेरे नाल ही रहंदे आ तू क्यों भगता घबरा गया,

मेरा श्याम है दीन दयाल रहंदा हर दम मेरे नाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।