मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,

मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,

तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,

प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,

तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,

मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,

श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,

आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,

तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,

मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,

अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,

जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,

रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,

मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,

ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,

जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,

महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,

मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।