भोले भंग न घुटाया करो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले भंग न घुटाया करो,

पड़े छाले हाथो में भोले तरस तो खाया करो,

गोरा छो में न आया करो,

बिन भंगियाँ न सरे मुझे रोज पिलाया करो,

मुझे यु न मनाया करो इन झूठे बातो से कभी कुछ तो लाया करो,

गोरा मन की बताया करो,

तेरी तुंग घना दूंगा मेरा हुकम भजाया करो,

मुझे यु न मनाया करो इन झूठी बातो से कभी कुछ तो लाया करो,

मुझे रोज सुनाया करो प्यारे भजन स्तन के तुम गोरा संग में गया करो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।