ओ भक्तो कावड़ उठा कर चलो बाबा के द्वार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ भक्तो कावड़ उठा कर चलो बाबा के द्वार,

बाबा धाम में यहाँ लगा शिव दरबार,

सुलतान गंज जल भर के बाबा के धाम नंगे पावे चल के,

बाबा वेद नाथ की महिमा बड़ी दर्शन को भगतो की टोली चल पड़ी,

चारो दिशाओ में गूंजे बोल बम की जयकार,

बाबा धाम में यहाँ लगा शिव दरबार,

सावन महीना है बाबा का आया पर्वतो के बीच में डेरा लगाया,

संदेसा है भक्तो को बाबा का आया बाबा वेद नाथ ने हम को भुलाया,

बड़ा ही पवन बाबा का धाम है सब के लवो पे भोले का नाम है,

जटा धारी सुनो गंगा धारी सुनो सब की सुनता है तू अब हमारी भी सुनो,

ओ सब की सुनते हो बाबा सुन लो मधुर की पुकार,

बाबा धाम में यहाँ लगा शिव दरबार,

शिव कर सा दानी नहीं कोई उनके जैसा सानी नहीं कोई

जटाओ में भोले के गंगा सोहे,

डम डम डमरू से मन मोहे,

मिलने आते है बाबा हो के नंदी सवार,

बाबा धाम में यहाँ लगा शिव दरबार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।