महादेव का जय कारा जय कारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल की दिव्ये धारा पर पावन सावन छाया,

कावड़ियों का रंग गेरहुआ केसर सा बिखराया,

रिमझिम बुहार बम बम बुहार से जब झूम उठा सारा,

बम महादेव शिव महादेव का जय कारा जय कारा,

हर हर नमः शिवायै बोलो हर हर नमः शिवाये

कावड़ में पावर भरते खुद ही बम भोले,

गगरी में गंगा जल भी बम बम भोले ,

पैरो में छाले हो या कष्ट कोई तन में

कावड़िया भड़ते जाते शिव की धुन में,

भोले बाबा पार करेंगे नारा यही लगाते,

पथरीले राहो पे हस्ते गाते चलते जाते,

भोले थकान बस लेके नाम लिया शिव का इक सहारा,

बम महादेव शिव महादेव का जय कारा जय कारा,

देवो के देव करेंगे सब का बेडा पार,

किरपा से खुल जायेगे बंद किस्मत के द्वार ,

ोहगढ के दानी है ये आशुतोष भगवन इनके चरणो में पा लो सुख सारा कल्याण,

झर झर सावन जैसी किरपा बरसाओ हे नाथ,

भक्तो दो चरणों में तेरे ये टिका रहे ये मान

तेरे सिवा अब कौन है शिवा अपना तारण हारा,

बम महादेव शिव महादेव का जय कारा जय कारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।