ये भी भोले तू भी भोला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ये भी भोले तू भी भोला,

तू ही इनका यार भोले,

क्यों माटी में मिला दिए फौजी और जिमिदार भोले.

ढोले ऊपर खड़ा रहे इक इक खड़ा रहे बॉर्डर पर,

इक मार दिया भाले भोले यो दूजा तोड्या आर्डर ने,

दिल की पीड़ की छान ले बाबा क्यों करे इंकार भोले,

क्यों माटी में मिला दिए फौजी और जिमिदार भोले.

भूखे प्यासे लेते रेवे अपने दिल ने डांट भोले,

अनसुइया के गेला लेवे अपने दर्द ने बाँट भोले,

इक की गर्दन दुश्मन उतारे इक की तारे सरकार,

क्यों माटी में मिला दिए फौजी और जिमिदार भोले.

जब फर्ज छोड़ दिया दोनेया ने सब की आँख लकड़ जायेगी,

रोबिन सिंह सुन मेरे देश की बनती बात गगड़जाएगी,

सुख वीर सिंह की बाते पे अब कर विचार भोले,

क्यों माटी में मिला दिए फौजी और जिमिदार भोले.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।