हर पल श्याम का शुक्र मनाऊँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर पल श्याम का शुक्र मनाऊँ,

ये मेरा रखवाला है,

मेरे जीवन का रखवाला केवल खाटू वाला है,

मुझे अब कोई भी फ़िक्र नहीं,

किसी बात का मुझको डर नहीं,

मेरा श्याम रहता है मेरे साथ में,

रोज सवेरे श्याम की ऊँगली थाम के घर से निकल ती हु,

सच कहती हु हर रस्ते पर श्याम की छा ही चलती हु,

मैंने पकड़ लिया इस का आंचल मेरा साथ निभाता है हर पल,

मेरा श्याम रहता है मेरे साथ में,

दुनिया की कोई मुश्किल अब सामने मेरे आती नहीं,

कैसी भी उलझन हो मुझसे बिलकुल भी टकराती नहीं,

मेरे सिर पर श्याम का हाथ है सब को ही पता ये बात है,

मेरा श्याम रहता है मेरे साथ में,

जीवन की सारी चिंताओं से मैं कोसो दुरु हुई,

श्याम के चरणों में रह कर अब तो मैं कोहिनूर हुई,

ये श्याम का सारा करिश्मा है शर्मा का श्याम से रिश्ता है,

मेरा श्याम रहता है मेरे साथ में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।