जपले भोले जी का नाम

गिरधर महाराज
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जपले भोले जी का नाम, ॐ नमः शिवाय,

कैलाशी काशी का वासी, बाबा डमरू वाला,

अंग भभूती भस्म रमाए, गल सर्पों की माला,

भंगिया घोटे सुबहो शाम, ॐ नमः शिवाय...

सब देवों में महादेव हैं,जाने दुनिया सारी,

द्वार तिहारे हरदम आवे, लाखों नर और नारी,

बनते सबके बिगड़े काम, ॐ नमः शिवाय...

सांचे मन से जो कोई ध्यावे,होते वारे न्यारे,

दीन दुखी को गले लगाते, भोले देव हमारे ,

बाल मंडल का पैगाम, ॐ नमः शिवाय...

गायक: गिरधर महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।