कृष्णा खड़े मधुबन में हँसे मन-मन में राधा के घर जाना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा खड़े मधुबन में हँसे मन-मन में राधा के घर जाना है

कृष्णा के माथे पे मुकुट विराजे

मुकुट पे हीरा-मोती जड़ के

फूलों से गला भर के राधा के घर जाना है

कृष्णा खड़े मधुबन में.........

कृष्णा के कानो में कुंडल विराजे

कुंडल में हीरा-मोती जड़ के

फूलों से गला भर के राधा के घर जाना है

कृष्णा खड़े मधुबन में........

कृष्णा के गले में बैजंती विराजे

बैजंती में हीरा-मोती जड़ के

फूलों से गला भर के राधा के घर जाना है

कृष्णा खड़े मधुबन में.........

कृष्णा के हाथों में कंगन विराजे

कंगन में हीरा-मोती जड़ के

फूलों से गला भर के राधा के घर जाना है

कृष्णा खड़े मधुबन में........

कृष्णा के कमर में करधनी विराजे

करधनी में हीरा-मोती जड़ के

फूलों से गला भर के राधा के घर जाना है

कृष्णा खड़े मधुबन में........

कृष्णा के पैरों में पायल विराजे

पायल में हीरा-मोती जड़ के

फूलों से गला भर के राधा के घर जाना है

कृष्णा खड़े मधुबन में........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।