मन करले भजन राधा रानी को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन करले भजन राधा रानी को

कोई नाहिं भरोसो जिंदगानी को

साथ साथ में (रट राधा राधा राधा)-२

राधा बिना तेरा (भजन है आधा तेरा भजन है आधा)२

साथ मिल जाए-2,बांके बिहारी को

कोई नाहीं भरोसो जिंदगानी को

ये तन है माटी का डेरा, माटी का डेरा

उड़ जाए तेरा हंस अकेला, तेरा हंस अकेला

जैसे है-2बुबलो पानी को

कोई नाहिं भरोसो जिंदगानी को

ये दुनिया तेरे काम न आवे,तेरे काम न आवे

कयों दुनिया मे मन भटकावे,मन भटकावे

याद रखियो-2,पागल की वाणी को

कोई नाहिं भरोसो जिंदगानी को

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।