नजरो का जादूगर है मेरा श्याम प्यारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नजरो का जादूगर है मेरा श्याम सांवरा,

मोहन का दिल लगाना तो बस इक खेल है,

जाने ना दिल के दर्द को,मेरा श्याम संवारा,

करता है झूठे वादे मेरा श्याम संवारा,

रुशवाइयो का डर नही आँखों में न शर्म,

उल्फत नही ये जानता मेरा श्याम संवारा,

नजरो का जादूगर है मेरा श्याम प्यारा

वादे तो सारे झूठे थे क्या करते इतवार,

अरे झूठो का बादशाह है मेरा श्याम संवारा,

करता है झूठे वादे मेरा श्याम संवारा,

कैसे निकालू दिल से मेरी जान जायेगी,

बेठा है दिल में इस तरह मेरा श्याम संवारा

नजरो का जादूगर है मेरा श्याम प्यारा

नजरो के तीर हम पे न ऐसे चलाइये,

कैसे जिए गे आप बिन इतना बताइए,

नजरो का जादूगर है मेरा श्याम प्यारा

इक पल भी अब कटे नही क्या हाल हो गया,

कैसे कटे गी जिन्दगी इतना बताइए,

नजरो के तीर हम पे न ऐसे चलाइये

जग की लगाई आग में जीते जी जल गये,

अब अपनी प्रेत में नशा हम को जलाइये,

नजरो के तीर हम पे न ऐसे चलाइये

इतनी सी अर्जी है मेरी पूरी करो कभी,

राधे से इक बार श्याम हम को मिलाइये,

नजरो के तीर हम पे न ऐसे चलाइये

कैसा ये हम पे संवारे उपकार हो गया,

नजरो से मिली नजरे दीदार हो गया,

कैसा ये हम पे संवारे उपकार हो गया,

अपना पता हमे नही दुनिया की क्या खबर,

दिल था हमारा इक जो तेरे नाम हो गया,

जीवन में आके आपने क्या जादू कर दिया,

गुलशन था उजड़ा उजड़ा गुलज़ार हो गया,

अब तो हमारा हर जन्म होगा युही मिलन,

भक्तो के साथ भगती का इकरार हो गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।