मैं लड़ लगाया तेरे तू शर्मा रख माये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कदमा दे नाल आँख ला ले न करि मैनु वख माये,

मैं लड़ लगाया तेरे तू शर्मा रख माये

तेरे वाजो केहड़ा मेरा तू ही वस् खा जेहड़ा मेरा,

मैनु ता बस थोड़ तेरी है एथे ओथे थोड़ तेरी है,

दर न हशर दा ओहनू कोई तू किती जिद्दी पख माये,

मैं लड़ लगाया तेरे तू शर्मा रख माये

दुखड़े तनु खोल सुनावा तेरे वाजो किस वाल जामा,

सारे तेथो खैरा मंगदे अपने रंग विच माये रंग दे,

सो रब दी तेरे दर दे मेरे तो चंगे कख माये ,

मैं लड़ लगाया तेरे तू शर्मा रख माये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।