कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी, कैसे करूँ तेरी पूजा

जल चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ

वो मछली का जूठा भवानी, वो मछली का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

दूध चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ,

वो वछडे का जूठा भवानी, वो वछडे का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

फूल चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ,

वो भंवरे का जूठा भवानी, वो भंवरे का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

फल चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ

वो पक्षी का जूठा भवानी, वो पक्षी का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

शहिद चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ

वो मखीओं का जूठा भवानी, वो मखीओं का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

धूफ चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ

वो अग्नि का जूठा भवानी, वो अग्नि का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

चंदन चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ

वो सर्पों का जूठा भवानी, वो सर्पों का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा, भवानी...

मन चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ

वो विषयों का जूठा भवानी, वो पापों का जूठा

कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी...

शत्र चढ़ाऊँ वो है शुद्ध माँ

दर पे तेरे सर निभाऊं भवानी ऐसे करूँ तेरी पूजा

ऐसे करूँ तेरी पूजा भवानी ऐसे करूँ तेरी पूजा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।