तेरी वेट में बैठे सब शिव शम्भू चिलम हम मार के

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ईशा करके आये भोले पूरी कर छपड़ पाड़ के

तेरी वेट में बैठे सब शिव शम्भू चिलम हम मार के

इक सुथरी सी बनो लागे जो चाले घुंगट डाल के,

मेरे मात पिता के पैर दबावे खेत में से आन के,

छोटी बढ़ाया की कदर करे हॉवे मुँह पे शर्म मेरी नार के,

तेरी वेट में बैठे सब शिव शम्भू चिलम हम मार के

सुन बोले तने हरियाणे में म्हारी बेल जाना पड़े गा,

महारे गांव का तिरलोकी तने गेड़ा लाना पड़े गा,

ऐसी भर के चिलम पिलाऊ कर दे लाक्जा थार के,

तेरी वेट में बैठे सब शिव शम्भू चिलम हम मार के

मिल जुल के सारे रहा करते वही टाइम फिर लया दे ने,

सोनू गौरव पूरियां का तू कहां पुगा दे ने,

भरदे कलम में रंग भक्ति का लिखू भजन तेरे प्यार के,

तेरी वेट में बैठे सब शिव शम्भू चिलम हम मार के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।