बम लेहरी ओ मेरा बम लेहरी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गले में तेरे सर्प की माला जटा में तेरे गंग बह रही,

बम लेहरी ओ मेरा बम लेहरी,

हे शम्बू मेरा हे बोला तीन लोक में है रोला,

अंग भभूति अपने लगाए दुनिया कह रही शिव लेहरी,

बम लेहरी ओ मेरा बम लेहरी,

सब दुनिया का तू है दाता बन जा मेरा भाग्येविधाता ,

नंदी ऊपर करे सवारी गोरा माँ संग मैं तेरी,

बम लेहरी ओ मेरा बम लेहरी,

विनोद कुमार दास तेरा चाहवे से यो साथ तेरा,

राकेश कुमार ने गा लेगा जो ले गा से माला तेरी,

बम लेहरी ओ मेरा बम लेहरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।