रे चालो रे चालो चालो रे हरिद्वार

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आया सावन आया भोले नाथ ने भुलाया रे गूंजे बम बम की जयकारे,

रे चालो रे चालो चालो रे हरिद्वार,

हरिकी पौड़ी जावा गे हम गंगा जी में न्हावा गे हम,

अपनी इश्का आके सुन लो सारे कष्ट मिटावा गे हम,

नहा के शुद्ध हो महारे विचार,

रे चालो रे चालो चालो रे हरिद्वार,

हरिद्वार का गज़ब नजारा भगता का उठे ला के लारा,

ऋषि केश में देख लिए लक्ष्मण झूला प्यारा प्यारा,

रे बोला सुन ले म्हारी पुकार,

रे चालो रे चालो चालो रे हरिद्वार,

भोले से घुट घुट बतलावा ज्योत जलवा कल भी चढ़ावा,

नील कंठ भोले के दर पे मस्ती में हम झूमा गावा,

करे मत भीम सेन पे वार,

रे चालो रे चालो चालो रे हरिद्वार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।