लाया पिंड बाजरे का भोले आ के भोग लगा ले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सबका लौटा निर्मल जल से प्रेम पूर्वक न्हाले,

लाया पिंड बाजरे का भोले आ के भोग लगा ले,

तू भी भोला मैं भी भोला जात सु हरयाने का,

अपना हाथा तने जिमाऊ पहले न खाने का,

इंतज़ार तेरे आने का शिव मुझको अपना ले,

लाया पिंड बाजरे का भोले आ के भोग लगा ले,

कब तक रूठो गे भोले छोडू तुजे मना के,

बड़े भाव से लाया सुबह परशाद बना के ,

कृष्ण जी की तरहा आके साग विधुर घर खा ले,

लाया पिंड बाजरे का भोले आ के भोग लगा ले,

बम बम भोले बम बम भोले मैं हु तेरा दीवाना,

केशु म्यूजिक में संध्या को आके ज्ञान बताना,

युगुवंशी महावीर पिलाना भक्ति रस के प्याले,

लाया पिंड बाजरे का भोले आ के भोग लगा ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।