सारे जग में गूंज रही है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सारे जग में गूंज रही है तेरी जय जय कार ओ भोले,

तेरी दया से ही जो सारा चाले से संसार ओ भोले,

ऐसी किरपा करदो बाबा झोली सब की भरदो बाबा,

ना कांटा लगे ना ही कंकर तेरी कावड़ मैं लौ शंकर,

सारी दुनिया तेरी दीवानी बाबा तुम देवो के हो महादेव भोले,

खाते है ये भांग के गोले नाचे तेरे भक्त ओ बोले,

मेरी नैया तुम पार लगाओ बाबा मुझको भी राह दिखो,

तीनो लोक में बस आप का ही भजता है डंका भोले,

सारी दुनिया के हो राजा काल महाकाल तुमरे सजा,

शिव शंकर शम्बू डमरू वाले सब देवो में सब से निराले

नेत्रराम सिंह और ऐस भी को भी अपना दास बना लो भोले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।