मम्मी मैं भी कावड़ लाऊ हरिद्वार की राह में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मम्मी मैं भी कावड़ लाऊ हरिद्वार की राह में,

बम बम भोले करता आउ सावन की फुहार में,

मम्मी तुम बापू से कह कर कावड़ मेरी मंगवा दो,

नंगे पाँव जाओ चंडी मनसा के दरबार में,

बम बम भोले करता आउ सावन की फुहार में,

सावन आवै मस्ती छावे छाई अजब बहार से,

मम्मी मैं भी छम छम नाचू बम बम की जय कार में,

बम बम भोले करता आउ सावन की फुहार में,

नील कंठ पर्वत के ऊपर भोले के नेहलाऊ मैं,

नागर मेरा मन न लागे तेरे इस संसार में ,

बम बम भोले करता आउ सावन की फुहार में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।