भोले की कावड़ ल्यावे हरिद्वार से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बोल के चलो रे दिल खोल के,

भोले की कावड़ ल्यावे हरिद्वार से बुलावे भोला प्यार से,

मस्त महीना सावन भोले का आया भोले ने भगतो को दर पे भुलाया,

ये भंगियाँ घुटाके के मूड बना के,

भोले की कावड़ ल्यावे हरिद्वार से बुलावे भोला प्यार से,

हर कावड़ियाँ बम बम बोल रहा से,

भोले की मस्ती में दिल डोल रहा से,

ख़ुशी की वेला से भगतो का रेला से,

भोले की कावड़ ल्यावे हरिद्वार से बुलावे भोला प्यार से,

सुमित कवर भी हो गया भोले का दीवाना,

उमा शंकर गा गया जो गाना झूमे रहो बम बोला भांग का खा गोला,

भोले की कावड़ ल्यावे हरिद्वार से बुलावे भोला प्यार से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।