कठे से आयो श्याम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

कठे से आयो श्याम,

कठे से आयो शंकर,

कठे से आयो रे माता अंजनी को लालो,

खाटू से आयो श्याम काशी से आयो शंकर,

यो सालासर से आयो माँ अंजनी को लालो,

के चढ़ आयो श्याम के चढ़ आयो शंकर,

यो के चढ़ आयो रे माता अंजनी को लालो,

लीले चढ़ आयो श्याम नंदी पर आयो शंकर,

यो पवन वेग से आयो माता अंजनी को लालो,

क्या से रिजे श्याम यो क्या से रिजे शंकर,

यो क्या से रिजे रे माता अंजनी को लालो,

चूरमा से रिजे श्याम भंगियाँ से रिजे शंकर,

लड्डूवा से रिजे रे माता अंजनी को लालो,

संकट काटे श्याम जो विपदा टाले शंकर,

दुःख दूर भगावे रे माता अंजनी को लालो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।