मिले के ने कावड़िया बोले बम बम भोले नाचे गे हम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे गोरा जी पायल बोले छम छम भोले जी का डमरू बोले डम डम,

मिले के ने कावड़िया बोले बम बम भोले नाचे गे हम,

भोले जी का मेला लागे बड़ा भरपूर से,

कावड़ लेने पहुंचे भक्त बड़ी दूर से,

तेरी किरपा कावड़ियों पे रहती न काम भोले नाचे गे हम,

मिले के ने कावड़िया बोले बम बम भोले नाचे गे हम,

याद करते बाबा तुम्हे सुबहो और शाम को,

देती आशीर्वाद भूले नहीं तेरे नाम को,

कावड़ लाये बाबा हमे जब तक है डम भोले नाचे गे हम,

मिले के ने कावड़िया बोले बम बम भोले नाचे गे हम,

केशु म्यूजिक में तेरी ये सन्धेया बेटी गावे से,

दुनिया तने भांग धतूरा पीवनिया बतावे से,

यजुवांसी महावीर पी जाये ये चिलम भोले नाचे गे हम,

मिले के ने कावड़िया बोले बम बम भोले नाचे गे हम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।