भोले का डमरू बोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले का डमरू बोले बोल बम बम बम ओमकारा,

रटती जो हर हर बहती धरा पर माँ गंगा की धारा

भोले का डमरू बोले बोल बम बम बम ओमकारा,

नील कंठ भोले नाथ तीन नेत्र धारी को,

चल के मना लो आज भोले भंडारी को,

यहाँ सब का भरे भंडारा बोल बम बम ओमकारा,

अड़रूप नारेश्वर एक रूप तेरा है,

घट घट वासी मरघट में भी डेरा है,

तूने रूप देगमवर धारा बोल बम बम ओमकारा,

दुनिया में पार तेरा कोई नहीं पाया है,

तेरा ही रूप तो तिरलोक में समाया है,

तूने सारे जग को तारा बोल बम बम ओमकारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।