हाजरियां परवान करो माँ हाजरियां

नरेन्द्र चंचल
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाजरियां... हाजरियां परवान करो माँ हाजरियां,

भकत वत्सला मात, मात आई जागे वाली रात ।

हाजरियां ....हाजरियां परवान करो माँ हाजरियां ॥

ब्रह्मा हाज़िर, विष्णु हाज़िर, नील कंठ त्रिपुरारी,

त्रेता विच श्री राम आए, द्वापर विच्च कृष्ण मुरारी ।

ओ शेरां वालिए... पहाड़ा वालिए...

माँ भगतां दे वल्ल झांक, मात आई जागरण की रात,

हाजरियां ....हाजरियां परवान करो माँ हाजरियां ॥

दवार तेरे ते पीर अौलीये आन देवते सारे,

शक्ति दी शक्ती ने कीते सब दे पार उतारे ।

ओ लाटा वालिए... ओ ज्योतां वालिए...

करो सुखां दी बरसात मात आई जागरण की रात

हाजरियां ....हाजरियां परवान करो माँ हाजरियां ॥

मैं हाँ भुल्लनहार भवानी भूल चुक्क माफ़ माँ करनी,

शरण आए शरणागत दी माँ बांह फ़ड्ड लाले चरणी ।

ओ मंदिरा वालिए... ओ गुफा वालिए...

करो सुखां दी बरसात मात आई जागरण की रात,

हाजरियां ....हाजरियां परवान करो माँ हाजरियां ॥

ये रात बड़ी अनमोल आई, ये रात बड़ी अनमोल आई,

मेरे घर में जगराता है, मैं घर घर जा के बोल आई ।

रानी माँ ने मेरी सुनली, मेरी आशा पूरी करदी,

मैंने झोली फैलाई थी, माँ ने खुशिओं से वो भरदी ।

वो ज्योत के रूप में बैठी थी, मैं दिल की बाते बोल आई ॥

जिस घर माँ का जगराता हो, वो घर तो स्वर्ग बन जाता है,

जहाँ माँ की ज्योति जलती है, हर सुख वहा मिल जाता है ।

वो सच्चा सुच्च्चा द्वारा है, मैं दिल के तराजू तोल आई ॥

सबके दिन बदलेगी माता, जैसे मेरे दिन फेरे हैं,

तू बेशक हैं सारे जग की, पर हम तो ‘चंचल’ तेरे हैं ।

सब अपनी बाते करते थे, मैं अपने दुखड़े फोल आई ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।