गोरा घोट के भांग पीला दे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा घोट के भांग पीला दे नाचू गा तेरे साथ में,

किसी और पे भांग घुटा ले आउ न तेरी बात में,

गोरा सावन का महीना भांग का नशा जमा दे ,

ले पकड़ तेरा कुण्डी सोटा भांग पे जोर लगा दे,

गोरा मस्ती का मूड बना दे,नाचू गा तेरे साथ में,

किसी और पे भांग घुटा ले आउ न तेरी बात में,

नाटे मत न गोरा प्यारी कह रहा तेरा भोला ,

क्यों कैलाश के रुके मारे क्यों करे तू रोला,

मने भांग का गोला खिलाड़ी,नाचू गा तेरे साथ में,

किसी और पे भांग घुटा ले आउ न तेरी बात में,

नाटे था तने मेरे संग में मत न व्याह रचावे,

भांग छोड़ दे भोले नाथ मेरे गोरा तने समजावे,

तू कैलाश ने गोरा सजादे नाचू गा तेरे साथ में,

किसी और पे भांग घुटा ले आउ न तेरी बात में,

सुनील दया रवीर रोहिला मेरी शरण में आये,

ऐसा भजन सुनाया भोले मेरे मन को भाये,

तू नसीब के भजन सुना दे नाचूगी तेरे साथ में,

भोले डम डम डमरू बजा दे नाचूंगी तेरे साथ में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।