अपना खाटू स्वच्छ हो | खाटू श्याम मंदिर भजन

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम...जय जय श्याम...

सारे श्याम प्रेमियों का आवो एक लक्ष्य हो,

लेलो ये संकल्प की अपना खाटू स्वच्छ हो |

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम...जय जय श्याम...

साथ चलेंगे,मिलाके हाँथ चलेंगे,

गन्दगी को खाटू से साफ़ करेंगे |

हर दिन ही फागण मेले का उपलक्ष्य हो,

लेलो ये संकल्प की अपना खाटू स्वच्छ हो |

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम का बगीचा,जिसे आलू सिंह ने सींचा,

दरबार है वो सच्चा,जहाँ श्याम रहता है |

श्याम का वो कुण्ड,भक्तों का वहां झुण्ड,

भगति की बहे गंगा,जहाँ श्याम बसता है |

"सौरभ मधुकर" तुम तो श्याम जी के भक्त हो,

लेलो ये संकल्प की अपना खाटू स्वच्छ हो |

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम...जय जय श्याम...

सारे श्याम प्रेमियों का आवो एक लक्ष्य हो,

लेलो ये संकल्प की अपना खाटू स्वच्छ हो |

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम...जय जय श्याम...

साथ चलेंगे,मिलाके हाँथ चलेंगे,

गन्दगी को खाटू से साफ़ करेंगे |

हर दिन ही फागण मेले का उपलक्ष्य हो,

लेलो ये संकल्प की अपना खाटू स्वच्छ हो |

श्याम...जय जय श्याम...

श्याम...जय जय श्याम...

अपना खाटू स्वच्छ हो...

स्वच्छ हो...स्वच्छ हो...

अपना खाटू स्वच्छ हो...

स्वच्छ हो...स्वच्छ हो...

गीतकार - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।