ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से देखा तुम्हे, जाने क्या हो गया,

ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया ।

तू दाता है तेरा पुजारी हूँ मैं,

तेरे दर का ए बाबा भिखारी हूँ मैं ।

तेरी चौखट पे दिल है मेरा खो गया,

ए मुरली वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥

जब से मुझको ए श्याम तेरी भक्ति मिली,

मेरे मुरझाए मन में हैं कालिया खिली ।

जो ना सोचा कभी था वाही हो गया,

ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥

तेरे दरबार की वाह अजब शान है,

जो भी देखे वो ही तुझपे कुर्बान है ।

तेरी भक्ति का मुझको नशा हो गया,

ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥

‘शर्मा’ जब तेरी झांकी का दर्शन किया,

तेरे चरणो में तन मन यह अर्पण किया ।

इक दफा तेरी नगरी में जो भी गया,

ए मुरली वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥

कवि : राम लाल शर्मा जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।