माई म्हारो सुपनामा परनेया रे दीनानाथ

लता मंगेशकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माई म्हारो सुपनामा,

परनेया रे दीनानाथ

छप्पन कोटा जणा पधारया,

दुल्हो श्री बृजनाथ

सुपना मा तोरण बंध्या री,

सुपनामा गहया हाथ

सुपनामा म्हारे परण गया,

पाया अचल सुहाग

मीरा रो गिरिधर मिलिया री,

पूरब जनम रो भाग्य

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।