भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में,

सारे नाचा गावा सावन में,

भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में,

हम नील कंठ पे जावा गे भोले का दर्शन पावा गे,

भोले का दर्शन पा कर के हम सोये भाग जगावा गे,

भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में,

भोले के गूंजे जैकारे मस्ती में नाचा गे सारे,

बारिश की पड़े फुहारा रे भोले ने भी साथ नचावा गे,

भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में,

हरिदवार में गंगा पावन है हम उसमे डुबकी लगावा गे,

गंगा मैया के दर्शन कर भोले की कावड़ उठवा गे,

भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में,

भोले की कावड़ ने उठा के शिवलिंग में जल चढ़वा गे,

जंगनी संग पावहा बिन्नी भी भोले ने भजन सुनावा गे,

भोले का मेला आ गया रे सारे धूम मचावा सावन में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।