तेरी चौखट पे आके भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी चौखट पे आके भोले बाबा

कोई रोता सिसकता नहीं है

बिना मांगे ही मिल जाता इतना

कोई दुःख से बिलखता नहीं है

चोट दुनिया से जो खाके आता

चैन है वो तेरे दर पे पाता

हार जाता जो ज़िन्दगी से

वो भी हँसता है तेरी बंदगी से

जान जाता है जो तेरी महिमा

तेरी भक्ति से थकता नहीं है

है करम से तेरे चाँद तारे

लोक तीनो भुवन तेरे सारे

राजू ज़ख़्मी का तुझसे जहाँ है

सुख जन्नत का सारा यहाँ है

जब तलाक ना हो तेरा इशारा

कोई बदल बरसता नहीं है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।