हर भूल को करो क्षमा

पारंपरिक
अन्य भजन जैन भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हुई मुझसे प्रभु भूल,

हर भूल को करो क्षमा,

करो क्षमा - करो क्षमा,

है मेरे प्रभु, है मेरे जिनदेव ,

हर भूल को करो क्षमा,

करो क्षमा - करो क्षमा,

प्रभुवर आपकी, मुनिवर है छवि,

भूल मुझसे जब जब हुई कभी,

पालक आप हो, क्षमा दान दो प्रभु,

बालक अबोध हूँ, क्षमा करो प्रभु,

हर भूल को करो क्षमा,

करो क्षमा - करो क्षमा,

एक इंद्री से पंच इंद्री तक,

सब जीवो से मै, प्रभु मांगता क्षमा,

जिनसे भी प्रभु कोई बैर था बंधा,

सब लोगो से मै, प्रभु मांगता क्षमा,

हर भूल को करो क्षमा,

करो क्षमा - करो क्षमा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।