भोले बाबा की शरण में आओ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा की शरण में आओ भगतो भोले बाबा की शरण में आओ,

जो मांगो गे वही मिला गा खुशियों का जब चमन खिले गा,

आकर के झोली फेलाओ भगतो,

भोले बाबा की शरण में आओ भगतो भोले बाबा की शरण में आओ,

शिव शम्भू की लीला न्यारी सारे कष्ट हरे भंडारी,

भोले को आज मनाओ भगतो ,

भोले बाबा की शरण में आओ भगतो भोले बाबा की शरण में आओ,

सारे जग के है रखवाले,ऐसे है शिव भोले भाले,

बाबा के दर्शन पाओ भगतो

भोले बाबा की शरण में आओ भगतो भोले बाबा की शरण में आओ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।