तेरा फतेहपुर में दरबार धोली सती दादी भजन

सौरभ मधुकर
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सबसे बड़ी सरकार तेरी,सबसे बड़ी सरकार

तेरा फतेहपुर में दरबार,तेरी हो रही जय जयकार

हमने तो लिख दिया है दादी जीवन तेरे नाम

गाते रहे भजन तेरा माँ,करते रहे गुणगान

बस तेरा आधार,हमको बस तेरा आधार

तेरा फतेहपुर में दरबार,तेरी हो रही जय जयकार

एक यही दरबार जहां से कोई ना खाली आये,

देते ये ना थकती,हम लेते लेते थक जाएँ |

भर देती भण्डार,मईया भर देती भण्डार,

तेरा फतेहपुर में दरबार,तेरी हो रही जय जयकार

हे कुलदेवी तेरे भरोसे है परिवार हमारा,

हम भगतों को फतेहपुर वाली है आधार तुम्हारा |

करे जो तुमसे प्यार,उसका हो जाये बेड़ा पार

तेरा फतेहपुर में दरबार,तेरी हो रही जय जयकार

जिस धरती पे मंदिर तेरा,धन्य वो राजस्थान

जय जय धोली सती दादी,जय जय फतेहपुर धाम

महिमा अपरम्पार तेरी,महिमा अपरम्पार

तेरा फतेहपुर में दरबार,तेरी हो रही जय जयकार

स्वर - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।