तेरे बच्चे तेरे लिए दिन रात दौड़ेंगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी तेरा दिल है तोड़ेंगे

तेरे बच्चे तेरे लिए दिन रात दौड़ेंगे

दिल्ली से पैदल चलकर हरिद्वार के रस्ते जाऊं

हर की पौड़ी पर जाकर भोले के गन मैं गाउँ

हर की पौड़ी पर मिलकर जयकार बोलेंगे

तेरे बच्चे तेरे लिए दिन रात दौड़ेंगे

गौ मुख से गंगोत्री आयी हरिद्वार में गंगा माई

मिल के सारे बोलनेगे जय हो गंगा माई

गंगा जी के घात पे जैकार बोलेंगे

तेरे बच्चे तेरे लिए दिन रात दौड़ेंगे

हरिद्वार से जल भरकर दिल्ली मैं जब आऊं

गौरी शंकर मंदिर में भोले को जल मैं चढ़ाऊँ

गौरी शंकर मंदिर में जैकार बोलेंगे

तेरे बच्चे तेरे लिए दिन रात दौड़ेंगे

भोले जी तेरा दिल नहीं तोड़ेंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।