उठ ते ही मांगे भांग ये भोला मस्त नशा में डोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उठ ते ही मांगे भांग ये भोला मस्त नशा में डोले,

यु रोज भांग घुटवावे डमरू पे मोहे नचवावे,

हे मेरी दुखन लागि टंग नहीं शृंगार सुहा में सोले,

उठ ते ही मांगे भांग ये भोला मस्त नशा में डोले,

यु मस्त नशा में बह रही मैं भूख प्यास सेह रही,

हे किस में लयऊ मांग कौन तोचली तोले,

उठ ते ही मांगे भांग ये भोला मस्त नशा में डोले,

महावीर है जबरबासीला ना समझी आप की लीला

केसु म्यूजिक लाइव लॉन्ग के कवर संध्या सुर में गावे,

उठ ते ही मांगे भांग ये भोला मस्त नशा में डोले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।