भांग पीन दे सिवा बता दे भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भांग पीन दे सिवा बता दे भोले के से काम तने,

इक दो लोटे प्यावे से की भर के पिया दिया ड्राम तने,

सारी भाग खत्म कर दी मने दूर दूर तक पावे न,

एह धरती छोटी पड़ गी तू गोरा भांग भडावे न,

भांग ही भांग तने दिखे क्यों मेरी तरफ दिखावेना,

तू भी जान से प्यारी से क्यों प्यार मेरा आजमावे न,

रगड़े जाऊ भांग तेरी के और कोई न काम मने,

इतना नहीं नसेड़ी जितना कर राख्या बदनाम तने,

नशो उतर ता ना तेरा ना भगतो की कदर तने,

पी के ध्यान लगाओ तो सब की रह से खबर मने,

दिन और रात पिये जा से फिर भी न आवे सबर तने,

ठंडक तेरी कालजे में जब पी आ था वो ज़हर मने,

उलटे लाग रहे थे या फिर मिल गये थे दाम तने,

भला ऐसे जिसमे सब का वो करना से काम मने,

सारी उम्र करू सेवा तुम राजी भोले नाथ रहो,

सारी मानु बात तेरी बस गोरा मेरे साथ रहो,

तेरी रजा में राजी गोरा जो भी कोई बात काहो,

तेरी हां में हां रखुगा दिन कहो या रात कहो,

याद करे राजू पंजाबी बम भोले सुबह शाम तने,

फौजी सुरेश को भी गोरा ले चालु पूरा गांव तने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।