फतेहपुर में धोली सती माँ का सच्चा दरबार है

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन रानी सती दादी भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

फतेहपुर में धोली सती माँ का सच्चा दरबार है

दादी का परिवार है,ये दादी का परिवार है

बिंदल गोत्र की कुलदेवी तेरी महिमा निराली है

तू ही धोली सती दादी ,तू ही फतेहपुर वाली है

जिसपे करदे एक नजर माँ,उसका बेड़ा पार है

दादी का परिवार है,ये दादी का परिवार है

सारी दुनिया जान गयी,शक्ति तेरी मान गयी

तू ही दुर्गा-काली है,माँ तुझको पहचान गयी

सारे जग में गूँज रही दादी की जय-जयकार है

दादी का परिवार है,ये दादी का परिवार है

तेरे चरणों से दादी हम भगतों का नाता है

हम सब तेरे बेटे है,तू हम सब की माता है

देख ली दुनिया,तेरे शरण में ही सारा संसार है

दादी का परिवार है,ये दादी का परिवार है

जैसे निभाया है अबतक,आगे निभाती रहना माँ,

सौरभ मधुकर पे हरदम प्यार लुटाती रहना माँ

साथ तुम्हारा मिल जाए तो जग की क्या दरकार है

दादी का परिवार है,ये दादी का परिवार है

फतेहपुर में धोली सती माँ का सच्चा दरबार है

दादी का परिवार है,ये दादी का परिवार है

गीतकार - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।