मेरो मन लग्यो मुरलिया वारे ते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरो मन लग्यो मुरलिया वारे ते,अब घर कैसे जाऊं।

घर जाऊं तो मेरी सास लडे़गी,सास लडे़गी मोपे जुलम करेगी,

कहदेगी ससुर हमारे से,अब घर कैसे जाऊं,

घर जाऊं तो मेरी ननद लडे़गी,ननद लडे़गी मोते रार करेगी,

कह देगी ननदेउ हमारे से,अब घर कैसे जाऊं,

घर जाऊं तो मेरी जिठानी लडे़गी,घर घर में बदनाम करेगी,

कह देगी जेठ हमारे से,अब घर कैसे जाऊं,

घर जाऊं तो मेरी दोरानी लड़ेंगी,दोरानी लड़ेंगी मोसे दोरानी लड़ेंगी,

कह देगी देवर हमारे से,अब घर कैसे जाऊं,

लेखक व गायक - टीकम जलन्द्रा उदयपुरा

संपर्क - 9636386858

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।