जबसे पिलाई गुरु वर ने कृष्णा के नाम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे पिलाई गुरु वर ने कृष्णा के नाम की,

आद्दत सी पड़ गई मुझे मस्ती के जाम की,

जबसे पिलाई गुरु वर ने कृष्णा के नाम की,

पीते ही प्याला नाम काम सुमिरन से जुड़ गया,

चिंता से छूट कर ये मन चिंतन से जुड़ गया,

अब भेद है किसे यह दुनिया के काम के,

जबसे पिलाई गुरु वर ने कृष्णा के नाम की,

मुँह से व्यान क्या करू लिख के बताओ क्या,

बस इतना जान लीजिये सब कुछ बदल गया,

हर आदमी में देखि है सूरत वो श्याम की ,

जबसे पिलाई गुरु वर ने कृष्णा के नाम की,

प्रभु प्रेम ये बना रहे भक्ति बनी रहे,

हिर्दय में शांत के सदा भगति बनी रहे,

गुरु देव लाज रखिये गा मैं के गुलाम के,

जबसे पिलाई गुरु वर ने कृष्णा के नाम की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।