भोला भंडारी मेरे मन वस् गया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भांग घोट मैं तो मंदिर में गई थी,

भगति जननु में यु मन रस गया,

भोला भंडारी मेरे मन वस् गया,

शिव लिंग पूजन घर पे चाली,

रोग दोष मेरा सब कट गया,

भोला भंडारी मेरे मन वस् गया,

मस्त मलंगा मेरा भोला सन्यासी,

ज्ञान का दीपक मने चस गया,

भोला भंडारी मेरे मन वस् गया,

शिव रात्रि की करू मैं पूजा,

भगति लग्न में मने डट गया,

भोला भंडारी मेरे मन वस् गया,

ज्योती नागर रंग में गावे,

संजय सिहमार भी माला रट गया,

भोला भंडारी मेरे मन वस् गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।