थोड़ी सी भांग पीला देना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कावड़ उठाने से पहले आज थोड़ी सी भांग पीला देना,

मुझपे भोले की मस्ती छाई मेरा भी जल चढ़वा देना,

मैं पी के टली चिलम रहु और खींच के मारु दम,

मैं शिव की धुन में मस्त रहु और बोलू सु बम बम ,

शिव शंकर डमरू वाले का मुझको दर्शन करवा देना,

मोपे भोले की मस्ती छाई मेरा भी जल चढ़वा देना,

भांग नहीं भगवती है ये घट घट में रमने वाली है,

कोर हलाल कोर भंगियाँ शीतल करने वाली है,

वेळ पत्र और भांग धतूरे का भी भोग लगा देना,

मोपे भोले की मस्ती छाई मेरा भी जल चढ़वा देना,

हर सावन में राम अवतार भी तेरे दर पे आता है,

राकेश नरसी कावड़ के बाबा नये नये भजन सुनाता है,

सुबह शाम तेरा जपे नाम बाबा हम को पार लगा जाना,

मोपे भोले की मस्ती छाई मेरा भी जल चढ़वा देना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।